Sunday, March 8, 2015

[Hindi Jokes] खुशियाँ कम और अरमान बहुत हैं


खुशियाँ कम और अरमान बहुत हैं,
जिसे भी देखियें यहाँ हैरान बहुत हैं।
करीब से देखा तो है रेत का घर,
दूर से मगर उनकी शान बहुत हैं।
कहते हैं सच का कोई सानी नहीं,
आज तो झूठ की आन-बान बहुत हैं।
मुशकिल से मिलता हैं शहर में आदमी,
यूँ तो कहने को इन्सान बहुत हैं।
वक्त पे न पहचाने ये अलग बात,
वैसे तो शहर में अपनी पहचान बहुत हैं।

Shared With Us by Hemlata Maji


Posted by: ganesh kumble <>
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